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किसानों की हालत बदत्तर ,न समय से खाद न न फसलों के उचित दाम ,कृषि मंत्री लापता , पूर्व युवक कांग्रेस अध्यक्ष का प्रदर्शन

सेंधवा कपिलेश शर्मा -किसानों को खाद की किल्लत व फसलों के उचित दाम न मिलने को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है , पूर्व युवक कांग्रेस अध्यक्ष सिलदार सोलंकी के नेतृत्व में बीसियों कार्यकर्ताओं ने आज मंडी पहुचकर किसानों के ताजा हाल जाने , जहाँ काफी अनियमितता मिली , सोलंकी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में किसानों की हालत बद्दतर होती जा रहीं है । खाद की किल्लत ओर फसलों के उचित दाम न मिलने की दोहरी मार झेल रहे किसान सड़क पर आने को मजबूर हो गए है , कृषि मंत्री लापता है , उन्हें प्रदेश के किसानो की कोई चिंता नही है । सोलंकी व समर्थकों ने कृषि मंत्री लापता के पोस्टर भी चिपकाए व वितरित किये साथ ही जमकर नारेबाजी की ।

सोलंकी ने बताया की मध्य   प्रदेश में किसानों की हालत बद से बदतर होती जा रही है। किसानों को न तो समय पर खाद मिल रही है और न ही अपनी उपज का उचित दाम। उनकी सुनवाई करने वाला कोई नहीं है, जिसके कारण किसान बेबस और लाचार नज़र आ रहे हैं।प्रदेशभर में किसानों को खाद के लिए भारी संघर्ष करना पड़ रहा है। कृषि केंद्रों पर सुबह से लंबी लाइनों में लगकर घंटों इंतज़ार करने के बाद भी किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। कई जगहों पर किसानों को मात्र एक या दो बोरी खाद ही दी जा रही है, जो उनकी ज़रूरत के लिए बिल्कुल भी पर्याप्त नहीं है।सरकार की व्यवस्था के आगे किसान नतमस्तक हो गए हैं, लेकिन उनकी समस्याओं को लेकर कोई भी जिम्मेदार सामने नहीं आ रहा। प्रदेश का कृषि मंत्री मानो लापता है। चाहे कृषि मंत्री हों या मुख्यमंत्री — कोई भी अन्नदाता किसानों की ओर ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे किसानों की मुसीबतें लगातार बढ़ रही हैं।यदि हालात ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले समय में किसान कर्ज के बोझ तले दबकर आत्महत्या जैसे दुखद कदम उठाने को मजबूर होंगे।हम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से मांग करते हैं कि वे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री को तलब करें तथा किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान निकालने के निर्देश दें, ताकि प्रदेश का अन्नदाता आत्महत्या जैसे कदम उठाने पर मजबूर न हो।साथ  ही, हम यह भी मांग करते हैं कि प्रदेश के ‘लापता कृषि मंत्री’, जो अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं, नैतिक आधार पर अपने पद से इस्तीफा दें।

 

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